श्री रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत महाविद्यालय कैलाशनाथ गुफा-सामरबार (जशपुर) छ.ग..

मार्गदर्शक सिद्धांत

अध्ययन सम्बंधी नियम:-
  • प्रत्येक विषय में विद्यार्थी की 75: उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे कम होने की स्थिति में नाम काटा जा सकेगा।
  • विद्यार्थियों को 3 दिवस का अवकाश कक्शा शिक्शक द्वारा स्वीकृत किया जा सकता है। इससे अधिक के अवकाश पर प्राचार्य की स्वीकृति अनिवार्य होगा तथा यह छै में भी लागू होगा अन्यथा उसे वार्शिक परीक्शा में बैठने की पात्रता नही होगी।
  • विद्यार्थी प्रयोगशाला में उपकरणों का उपयोग सावधानीपूर्वक करेगा, उनको स्वच्छ रखेगा व छैै के उपस्करणों को भी सावधानीपूर्वक उपयोग करेंगे।
  • ग्रंथालय द्वारा निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन करेंगे। उसे निर्धारित संख्या में पुस्तकें प्राप्त होंगे तथा समय से न लौटाने पर निर्धारित आर्थिक दण्ड दिया जावेगा।
  • ब्याख्यान कक्शों के पंखे लाईट फर्नीचर आदि की तोड़-फोड़ करना दण्डात्मक आचरण माना जावेगा।
  • अध्ययन से सम्बंधित किसी भी कठिनाई के लिये गुरूजनों अथवा प्राचार्य के समक्श शांतिपूर्ण ढंग से अभ्यावेदन प्रस्तुत करेगा।
परीक्शा सम्बंधी नियम:-
  • प्रत्येक विषय में विद्यार्थी की 75: उपस्थिति अनिवार्य होगी।
  • कुल 7 आंतरिक परीक्शाओं में कम से कम 5 में सम्मिलित होना अनिवार्य है।
  • छै कैम्प/खेल-कूद/राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं में सम्मिलित हुए छात्रों को उपस्थित माना जावेगा।
  • उपस्थिति की प्रथम गणना 31 अक्टूबर तक की जावेगी।
  • कम उपस्थिति वाले छात्रों को तथा उनके पालकों को सूचना दी जावेगी।
  • उपस्थिति की द्वितीय गणना 17 फरवरी तक की जावेगी ।
  • विश्वविद्यालय अपनी स्तर पर इनसे अतिरिक्त शुल्क ले सकेगी।
  • परीक्शा में या उसके सम्बंध में किसी प्रकार की अनुचित लाभ लेने या अनुचित साधनों का प्रयोग करने का प्रयत्न गंभीर दुराचरण माना जावेगा।
महाविद्यालय प्रशासन का अधिकार क्शेत्र:-
  • यदि छात्र किसी अनैतिकतामूलक या गंभीर अपराध में अभियुक्त पाया गया तो
  • उसका प्रवेश तत्काल निरस्त कर दिया जावेगा।
  • यदि छात्र रैगिंग में लिप्त पाया गया तो छतीसगढ़ शैक्शणिक संस्थानों में प्रताड़ना प्रतिशेध अधिनियम 2001 के अनुसार रैगिंग किये जाने पर अथवा रैगिंग के लिए प्रेरित करने पर 5 साल तक कठोर कारावास की सजा व 5 हजार रूपये की जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
  • यदि विद्यार्थी समय सीमा में विश्वविद्यालयीन/शासकीय शुल्क का भुगतान नहीं करता है तो उसका नाम काट दिया जावेगा।
  • यदि विद्यार्थी किसी भी प्रार्थना पत्र अथवा आवेदन में तथ्यों का छिपायेगा अथवा गलत प्रस्तुत करेगा तो उसका प्रवेश निरस्त कर उसे महाविद्यालय से निश्कासित किया जा सकेगा।
    महाविद्यालय में प्रवेश लेने हेतु विद्यार्थी द्वारा प्रस्तुत किये गये आवेदन पत्र में उसके पालक अथवा अभिभावक का घोशणा पत्र पर हस्ताक्शर करना अनिवार्य है और यह हस्ताक्शर प्रवेश समिति के सम्मुख करेंगे।